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इतने ध्यान से यह मोहतरमा देख क्या रही थी जो इनको समझ नही आया फिर चश्मा लगाकर देखने लगी और खुशी इतनी मिली की तालियाँ भी बजाने लगी। पहले जो धुँधला दिखा उस ख़ुशी के लिए जो नहीं था उस ख़ुशी मे बजाई ताली । वैसे आप लोग भी कुछ देखे की सिर्फ़ शक है कुछ तो था ऐसा लगा था। · XDL