संभव जैन की मौत को सिर्फ “आत्महत्या” लिखकर फ़ाइल बंद नहीं होनी चाहिए। प्रीमैच्योर बच्चे का इलाज, बढ़ता कर्ज, वैवाहिक विवाद और तलाक। इन सबने उन्हें कहाँ तक तोड़ा? सवाल यह नहीं कि दर्द था। सवाल यह है कि दबाव कितना था, पैसे कहाँ गए, और क्या किसी ने उसे और गहरा किया? जाँच हो।
@D.R. Boka ( सनातनी )
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