ऐ गिरिवर नंदिनी, जग जननी सुभग वैदिनि नूतित गुणे... अरी सतखंड विखंडित रुण्ड वितुंडित शुण्ड गजाधिपते... दिव्य शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम! हर हर महादेव और जय माँ दुर्गा! · XDL
ऐ गिरिवर नंदिनी, जग जननी सुभग वैदिनि नूतित गुणे... अरी सतखंड विखंडित रुण्ड वितुंडित शुण्ड गजाधिपते... दिव्य शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम! हर हर महादेव और जय माँ दुर्गा!
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