“बेटा मैंने अपनी 12 मण लकड़ी रखी है। इतनी ही लगेगी मुझे। गीली लकड़ी में मत जलाना। धुआं आएगा। दोस्त लोग और अगल-बगल के सब लोग आएंगे उनकी आंखों में पानी आएगा। मरते वख़्त गलतफहमी होगी कि मेरे लिए रो रहे हैं।” - नाना पाटेकर #nanapatekar
@Mukesh Mathur
1 grabs
No comments yet
Say something. You’re first.