साड़ी में लिपटी हूँ, मगर अंदाज़ थोड़ा बेबाक है, मेरी नज़रों में छुपा आज भी वही खुमार है। करीब आओ तो धड़कनों का शोर सुनाई देगा, मेरी एक शरारती मुस्कान ही काफी है, रात को थोड़ा और हसीन बनाने के लिए। 🔥😉 · XDL
साड़ी में लिपटी हूँ, मगर अंदाज़ थोड़ा बेबाक है, मेरी नज़रों में छुपा आज भी वही खुमार है। करीब आओ तो धड़कनों का शोर सुनाई देगा, मेरी एक शरारती मुस्कान ही काफी है, रात को थोड़ा और हसीन बनाने के लिए। 🔥😉
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