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गुना में कृष्णाबाई को अपने बीमार और दिव्यांग भाई को अस्पताल के वार्ड तक खुद कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा...अस्पताल कहता है स्ट्रेचर पर्याप्त हैं, स्टाफ भी है!अगर सब कुछ था, तो भाई को कंधे पर उठाने की नौबत क्यों आई? · XDL