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जिस घर में हम पले-बढ़े हों, जहाँ हमारा बचपन बीता हो, उस घर को हटाना पड़े तो उसका भावनात्मक असर स्वाभाविक है, लेकिन अगर उज्जैन के विकास के लिए इसकी आवश्यकता है, तो हमें आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। सिंहस्थ के विकास कार्यों में स्थानीय नागरिक भी स्वयं अपने मकान हटाकर सहयोग कर रहे · XDL