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न सरकार बनत अहै, न बने देब। आदरणीय राजा भैया को सुना जाय। कितने सरलता और शालीनता से वह बात कह दिए जो बड़े बड़े दगे कारतूस नेता कहने में 50 बार सोचते हैं। · XDL