बात कड़वी है, लेकिन सच्चाई यही है। विपक्षी दलों के नेता अक्सर मंचों से कहते हैं कि आज यूट्यूबर्स ही जनता के असली मुद्दे उठा रहे हैं, जबकि मेनस्ट्रीम मीडिया सत्ताधारी दल का एजेंडा चलाने में व्यस्त है। वे अपने प्रवक्ताओं को यह सलाह भी देते हैं कि नफ़रत फैलाने वाले चैनलों पर न जाएँ
@Aftab Alam
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