जब भव के बंधन से मुक्त कराए, वही ‘भागवत’ है और जो व्यथा हरे वही ‘कथा’ है हमारे सनातन संस्कृति में यही कहा गया है और मैंने हमेशा बचपन से यहीं सुना है रामायण और महाभारत में श्री अखिलेश यादव जी, अयोध्या · XDL
जब भव के बंधन से मुक्त कराए, वही ‘भागवत’ है और जो व्यथा हरे वही ‘कथा’ है हमारे सनातन संस्कृति में यही कहा गया है और मैंने हमेशा बचपन से यहीं सुना है रामायण और महाभारत में श्री अखिलेश यादव जी, अयोध्या
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