कभी घमंड ना करें क्योंकि सुबह होने तक... फूलों को भी पता नहीं होता कि मंदिर जाना है या अर्थी पर..!! सानन्दमानन्दवने वसन्तं आनन्दकन्दं हतपापवृन्दम्। वाराणसीनाथमनाथनाथं श्रीविश्वनाथं शरणं प्रपद्ये॥ जय हो काशी विश्वनाथ बाबा की 🙏🚩 शुभरात्रि मित्रों🌹🙏
@श्रीष त्रिपाठी 🇮🇳
1 grabs
No comments yet
Say something. You’re first.