क्या चूतिया तर्क है! लेटरल एंट्री होती ही इसलिए है कि आरक्षण ने तंत्र को बर्बाद कर रखा है, इसलिए बाहर से ‘एक्सपर्ट’ बुलाना पड़ता है। वहाँ भी जो अयोग्य है, उसी को पहुँचाना है। तुम एक्सपर्ट बन गए तो हो जाएगी एंट्री। नहीं बने, तो नहीं होगी। पढ़ो बे!
@Ajeet Bharti
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