कुछ पंडितों और ब्राह्मणों ने उस समय हिंदू धर्म का बहुत नुकसान किया। छुआछूत , ऊंच-नीच सब ब्राह्मणों ने बनाया। उसके पहले यह सब नहीं था। सुनिए मौखिक विष्ठा त्याग करने में महारत हासिल किए बाल स्वयंसेवक, इच्छुदंड रस प्रेमी नितिन गनमरी को।
@महर्षि दुर्वासा
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