XDLXDL
सैंया दिल में आना रे, आ के फिर न जाना रे, हो आके फिर न जाना रे, छम छमा छम छम..!! #राजेंद्र_कृष्ण (गीतकार) #पुण्यतिथि #लेखनी ✍️ 🎬 बहार (1951) 🎵 सचिनदेव बर्मन 🎤 शमशाद बेग़म 🎞️ वैजयंती माला @ShwetaJha24 @RuchiraTripathi @ArchanaVed @Chandra25316864 · XDL