दिन अब जल्दी विदा होने लगे हैं, और रातें थोड़ी लंबी होकर कुछ देर और ख़ामोशी में पसरने लगी हैं.. अक्टूबर ऐसे ही आता है.. ज़रा सी गर्मी बची रहती है ज़रा सी सर्दी आनी शुरू होती है अक्टूबर यानी मौसम के दो किनारों के बीच एक ख़ूबसूरत-सा ठहराव। #Surajpur की सड़कों को सुबह-सुबह आज
@Anshuman Sharma
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