सच की आवाज़ को झूठ के बैरिकेड से नहीं रोका जा सकता। रास्ते में कितनी भी दीवारें खड़ी कर दो, कितनी भी ताकत लगा दो, कितनी भी आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर लो—सच अपनी राह बना ही लेता है। क्योंकि सच किसी सत्ता, कुर्सी या ताकत का मोहताज नहीं होता। सच के साथ जब जनता खड़ी हो जाती है,
@Mukesh Sahani
1 grabs
No comments yet
Say something. You’re first.