साड़ी में दौड़ी, जूते भी नहीं थे... नौकरी के लिए विधवा मां ने 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट में की पूरी….. रामगढ़ की कविता महतो विधवा हैं। दो छोटे बच्चे और बूढ़े-सास ससुर का पालन पोषण कर रही हैं। जूते और ट्रैक सूट खरीदने के पैसे नहीं थे इसलिए तपती धूप में साड़ी पहनकर नंगे पांव
@Mr Tiwaree
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