जो हुआ है, वो याद रखा जाएगा, हर ज़ख़्म का हिसाब रखा जाएगा। जो चुप रहे, वो भी याद रहेंगे, जो सच के साथ खड़े रहे, उनका नाम भी याद रखा जाएगा। जिन गलियों में आवाज़ें उठीं, जिन चेहरों पर डर था मगर कदम फिर भी नहीं रुके वो मंज़र याद रखा जाएगा। किसने हक़ की बात कही, किसने ज़ुल्म के
@Muslim Voice Cell
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