“कैसे बताऊँ मैं तुम्हें, मेरे लिए तुम कौन हो” नाना पाटेकर ने ‘आप की अदालत’ में ‘वजूद’ की ये कविता सुनाई थी, तब शायद नहीं सोचा था कि एक दिन इन्हीं शब्दों के साथ वो याद आएंगे. #RIPNanaPatekar #AapKiAdalat · XDL
“कैसे बताऊँ मैं तुम्हें, मेरे लिए तुम कौन हो” नाना पाटेकर ने ‘आप की अदालत’ में ‘वजूद’ की ये कविता सुनाई थी, तब शायद नहीं सोचा था कि एक दिन इन्हीं शब्दों के साथ वो याद आएंगे. #RIPNanaPatekar #AapKiAdalat
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