मैं #निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊँ कैसे, लुट गए होश तो फिर होश में आऊँ कैसे, मैं निगाहें तेरे चेहरे से..!!🎶 #दृष्टि 👀 #लेखनी ✍️ 🎬 आप की परछाईयाँ (1964) 🖋️ राजा मेंहदी अली ख़ान 🎵 मदन मोहन 🎤 मो. रफ़ी 🎞️ धर्मेंद्र @RuchiraTripathi @ShwetaJha24 @arpanvt
@आरती सिंह
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