घर से लेकर कॉलेज तक हर जगह वहशी दरिंदे खड़े हैं। घर वाले समझते नहीं हैं, पुलिस वाले उल्टा आरोप लगाते हैं; लड़कियां जाएं तो कहां जाएं। एक जवाब सबसे वाजिब : अब सड़कों पर आ जाएं। जंतर मंतर तो भरें ही, संसद तक भी आवाज़ पहुंचाएं। · XDL
घर से लेकर कॉलेज तक हर जगह वहशी दरिंदे खड़े हैं। घर वाले समझते नहीं हैं, पुलिस वाले उल्टा आरोप लगाते हैं; लड़कियां जाएं तो कहां जाएं। एक जवाब सबसे वाजिब : अब सड़कों पर आ जाएं। जंतर मंतर तो भरें ही, संसद तक भी आवाज़ पहुंचाएं।
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