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हम ही हम हैं तो क्या हम हैं… तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो…!! चलो ऐसा करते हैं— थोड़ा-थोड़ा तुम में मैं रह जाऊँ, और थोड़ा-थोड़ा मुझ में तुम हो जाओ। ताकि तुम सिर्फ़ तुम न रहो, मैं सिर्फ़ मैं न रहूँ, बल्कि हम… सच में हम हो जाएँ। ❤️✨ · XDL