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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं — माँ के चरणों में शीश झुकाएँ, जय अम्बे, जय जगदम्बे — मन में ज्योति जगाएँ। दिव्य स्वरूप तेरा, माँ, चंद्र-सा उजियारा,🚩 शरण तिहारी जो आए, उसका तू ही सहारा।q · XDL