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मैं भाजपा में हूँ, लेकिन अब भाजपाई कहने में मुझे घिन आती है।" वक्त-वक्त की बात है, जज्बात बदल दिए, हालात बदल दिए 🤭 चलो देर आए दुरुस्त आए! कम से कम अपनों ने तो सच बोलना शुरू किया। जब तक अंदर से आवाज नहीं उठेगी, सुधार कैसे होगा? · XDL