XDLXDL
स्वर्ण मुकुट सोहे,फूलों का हार, त्रिशूल हाथ,करे दुष्टों का संहार! आँखों में ममता,मुख पर मुस्कान, तेरे दर्शन से खिलता हर प्राण! गेंदा-गुलाब की माला गले में सजी, शेर पर बैठी मैया,सबकी लाडली दुख थकते नहीं,पर तू देती सहारा, जय माता दी बोलो,तू ही है किनारा..✍️ जय माता जी❤️🙏 · XDL