जैसे सत्ताधारी, वैसे अधिकारी! नैतिकता की सीमा लांघकर, निजता का अतिक्रमण करनेवाली उप्र सरकार की पुलिस का ये ‘अपशब्द वचनीय मौखिक शारीरिक व्यवहार’ किससे प्रेरित है, ये सब जानते हैं। अब पुलिस का ये ही कहना बाक़ी है कि ‘हम किसी नियम-क़ानून को मानने के मूड में नहीं है।
@Akhilesh Yadav
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