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पैसों के गुरूर में किसी की मजबूरी को कभी कम मत आंकिए, वक्त का पहिया जब घूमता है तो औकात भूल जाती है, और वही इंसान फरिश्ता बनकर सामने आता है जिसे कभी बेइज्जत किया था।। · XDL