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मन्नत का धागा तुम मिले तो लगा कि जैसे, दुआ का कोई मुकम्मल छोर मिल गया। हथेली पर खिंची अधूरी लकीरों को, अचानक एक मुकम्मल मोड़ मिल गया।...❤️📝🌿 · XDL