XDLXDL
जाग दिल-ए-दीवाना रुत जागी वस्ल-ए-यार की, बसी हुई ज़ुल्फ़ में आयी है सबा प्यार की..!!🎶 #फ़िरोज़_ख़ान (अभिनेता) #जन्मजयंती 💐 #लेखनी ✍️ 🎬 ऊँचे लोग (1965) 🖋️ मजरूह सुल्तानपुरी 🎵 चित्रगुप्त 🎤 मो. रफ़ी @speakingmico · XDL