मां के दूध पीके जब उन्हें गोद में खिलाता हूं तो बचपन की यादें ताजा हो जाती है बस फर्क ये है कि पहले मै मां की गोद में बैठ के दूध पीता था और अब मां मेरी गोद में बैठ के दूध पिलाती है · XDL
मां के दूध पीके जब उन्हें गोद में खिलाता हूं तो बचपन की यादें ताजा हो जाती है बस फर्क ये है कि पहले मै मां की गोद में बैठ के दूध पीता था और अब मां मेरी गोद में बैठ के दूध पिलाती है
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