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मानवता की रक्षा है सामूहिक ज़िम्मेदारी जब भेदभाव के शूल का चुभना रहे जारी अपमानों का बने निशाना दुखी माँ-नारी युवाओं के सपनों पर तलवार चले दुधारी जब सत्ता करे अत्याचार वंचितों पर भारी तब तू उठा त्रिशूल और बन सुदर्शनधारी! · XDL