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शील, विनय, आदर्श, श्रेष्ठता / तार बिना झंकार नहीं है शिक्षा क्या स्वर साध सकेगी/ यदि नैतिक आधार नहीं है कीर्ति कौमुदी की गरिमा में/ संस्कृति का सम्मान न भूलें 💗💗 · XDL