अमृतकाल में बच्चों के हाथों में किताब नहीं, ईंटों का बोझ! मोदी जी, देश के भविष्य को पढ़ाने की बजाय उनसे ईंटें क्यों ढुलवाई जा रही हैं ऐसे कैसे बनेगा भारत “विश्व गुरु”? · XDL
अमृतकाल में बच्चों के हाथों में किताब नहीं, ईंटों का बोझ! मोदी जी, देश के भविष्य को पढ़ाने की बजाय उनसे ईंटें क्यों ढुलवाई जा रही हैं ऐसे कैसे बनेगा भारत “विश्व गुरु”?
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