400 लोग, एक बूढ़ा चेहरा। शिवाजी पार्क प्रोटेस्ट: नसीरुद्दीन शाह की असली औकात? सर्कस बंद है। जब फिल्में नहीं चलतीं, अवॉर्ड वापस होते हैं, और TRP खत्म हो जाती है... तो कुछ लोग धरने चले जाते हैं। ये एक्टिविज्म नहीं, अटेंशन की भीख है। 🙏 आप क्या सोचते हैं? कमेंट करें! 👇
@Mukesh Singh
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