माँ भगवती की कृपा को वो ही अनुभूत कर सकता है, जिसने जाने-अनजाने पूर्ण समर्पण से माँ का कभी आह्वान किया हो.. बाल्यकाल में जब छोटे से थे! तब से माँ द्वारा हाथों में दुर्गा सप्तशती थमा दी गई यह कहकर कि——— जो भी अभिलाषा हो मन में वो माँ के समक्ष रखना! वो तुम्हें वो सब कुछ देंगी जो
@योगी
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