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बच्चा पैदा करूँ? || आचार्य प्रशांत ज़िंदगी ऐसी होनी चाहिए कि कोई यह बातें शुरू भी ना करने पाए आपके साथ। और अगर कोई यह बातें शुरू कर लेता है तो अपने गिरबान में झांकिए। उसको यह बात शुरू करने की हिम्मत आपने ही दी है। पहली बात तो मनुष्य की अपनी गरिमा होनी चाहिए कि दूसरे के जीवन में · XDL