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कर्म करते रहो, पूरी निष्ठा और सजगता से करते रहो फल क्या मिलेगा, कब मिलेगा और कितना मिलेगा यह ईश्वर पर छोड़ दें। किसी के कहने से यदि अच्छा या बुरा होने लगे तो ये संसार या तो स्वर्ग बन जाये या पूरी तरह से नर्क इसलिए ये ध्यान मत दो की कौन क्या कहता है, बस वही करो जो अच्छा है और · XDL