अनकहा अहसास तुझे लाखों बार बोलने का ज़ेहन में आया, पर ज़ुबां तक आकर हर वो लफ्ज़ ठहर गया। जो बयां हो जाता, वो तो बस शब्दों का खेल होता, जो अनकहा रह गया, वो रूह में अमर हो गया।...❤️📝🌿 · XDL
अनकहा अहसास तुझे लाखों बार बोलने का ज़ेहन में आया, पर ज़ुबां तक आकर हर वो लफ्ज़ ठहर गया। जो बयां हो जाता, वो तो बस शब्दों का खेल होता, जो अनकहा रह गया, वो रूह में अमर हो गया।...❤️📝🌿
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