कुछ पत्ते शाख़ से टूटकर भी ख़ूबसूरत रहते हैं, शायद बिछड़ना हर बार कमज़ोर नहीं करता। कुछ सफ़र अकेले ही पूरे करने पड़ते हैं, तभी तो इंसान ख़ुद से मिल पाता है। 🍁 · XDL
कुछ पत्ते शाख़ से टूटकर भी ख़ूबसूरत रहते हैं, शायद बिछड़ना हर बार कमज़ोर नहीं करता। कुछ सफ़र अकेले ही पूरे करने पड़ते हैं, तभी तो इंसान ख़ुद से मिल पाता है। 🍁
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