तब भी एक गांधी था - आज भी एक गांधी है, तब अंग्रेज़ों की हुकूमत थी, आज सत्ता का गुरूर है, तब भी सच के रास्ते पर चलना एक कसूर था, वही अहिंसा, वही हिम्मत, वही आज़ादी का जुनून है, कल लड़ाई वतन की थी, आज लोकतंत्र का सवाल है। · XDL
तब भी एक गांधी था - आज भी एक गांधी है, तब अंग्रेज़ों की हुकूमत थी, आज सत्ता का गुरूर है, तब भी सच के रास्ते पर चलना एक कसूर था, वही अहिंसा, वही हिम्मत, वही आज़ादी का जुनून है, कल लड़ाई वतन की थी, आज लोकतंत्र का सवाल है।
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