प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने वाले दिनेश फलाहारी बाबा को सुनिए. आश्रम में दो गुट हैं। एक तरफ तपस्वी संत, दूसरी तरफ प्रॉपर्टी का धंधा करने वाले लोग। संत के भेष में कुछ आपराधिक किस्म के लोग छुपे हैं और महाराज की आड़ में करीब 14 आश्रम बना लिए गए हैं।
@Madan Mohan Soni
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