सिर सोने का छत्र विराजे,लाल चोला अंग सजा है, तीन पिंडियों में माँ का,अद्भुत रूप बसा है..!! काली गुफा में ज्योत जले,फूलों की महक निराली, धुंध में लिपटा भवन तेरा,लगती स्वर्ग की थाली..!! जय माता जी बोलते ही,हर गम दूर हो जाता, तेरे दर जो आ जाए,वो भव से तर जाता..✍️ जय माँ वैष्णो🙏
@नीलम शर्मा
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